“कोरोना और आम जनता की ड्यूटी”
मनुष्य जीवन सिर्फ़ एक बार ही मिलता है ऐसा सभी कहते हैं ।मनुष्य जन्म तो बार बार लेता है पर मनुष्य योनी में सिर्फ़ एक बार ही आता है ऐसा अपने शास्त्रों में लिखा है। अगर ये जीवन सिर्फ़ एक बार ही है तो क्यों उसे कोरोना की भेंट चढ़ाएँ?
आज हम कोरोना महामारी से लड़ रहे हैं ।देश और जनता दोनों ही इस लड़ाई मैं अपनी ज़िम्मेदारी निभा रही है ।सरकार का काम था कि हमें इस बीमारी से अवगत करवाए, इससे कैसे बचा जाए ये सिखाना , जो कि उसने सभी को भलीभाँति सिखा दिया है ।अब हम लॉकडाउन की स्टेज से बाहर आ रहें हैं ।हम में से कई लोग लॉकडाउन से ऊब चुके हैं, तो कही को अपने घर की चिंता सता रही है ,तो कहीं को अपने व्यापार की चिंता सता रही है ।सब चाहते हैं कि स्थिति पहले जैसी हो जाए ,पर ये इतना आसान नहीं है ।इसमें बहुत समय लगेगा ।ज़िंदगी पटरी पर आने में समय लगेगा ,पर पटरी पर ज़रूर आएगी।हम इंसानों की फ़ितरत है कि हम चाहते हैं कि सब कुछ जल्दी ठीक हो जाए और हमारा इस महामारी को लेकर जो डर था वो कम होता जा रहा है । एक तरह से अच्छा भी है कि डर कम हो रहा है पर सावधानी बरतना कम नहीं होनी चाहिए ।जो लोग लॉकडाउन से ऊब गये हैं , उनमे से कई लोगों की यह मानसिकता हो गई है कि ,”अरे ,कुछ नहीं होगा,मस्त रहो “और यही मानसिकता कई हमें ले डूबे ऐसा न हो ।क्योंकि ये सोच इसलिए भी हो गयी होगी की जो ऐसा सोचता होगा , उसने कभी स्वयं के साथ या अपनी फ़ैमिली या दोस्तों के साथ उस ट्रैजेडी का सामना नहीं किया होगा ,जो किसी और ने किया है ।आज हम न्यूज़ पेपर या TV पर इस बीमारी के कारण होने वाली मौत के जो आंकड़े देख रहे हैं वो उन लोगों के लिए सिर्फ़ आंकड़े होंगे ,कईयों के लिए ये स्टैटिस्टिक्स होंगे, पर जिसने इसे भुगता है या जिसने अपने को खोया है उसकी मन: स्थिति का शायद वो अंदाज़ा नहीं लगा पा रहे होंगे ।आज हम देखते हैं कि लाखों लोग इस बीमारी से मर गए हैं और मर रहे हैं ।पर वो न्यूज़ हमें इतना विचलित नहीं करती क्योंकि अभी तक हमारे किसी अपनों के साथ यह गठित नहीं हुआ है ।पर भगवान न करे जिस दिन कभी ऐसा हो गया तो उस दर्द ,उस तक़लीफ का शायद हम अंदाज़ा भी नहीं लगा पा रहे होंगे ।भगवान करे ऐसा कभी ना हो और आप सभी सुरक्षित और ख़ुश रहे ।पर एक बात याद रखना इस महामारी से अपनी जान की परवाह न करते हुए ,अपने परिवार की परवाह न करते हुए ,रात दिन जो आपकी सेवा कर रहा है और आपको स्वस्थ करने की कोशिश कर रहा है उस डॉक्टर और उस हेल्थकेयर वर्कर उस पुलिस को आप मत भूलिए ! वो “ हेल्थकेयर वर्कर व पुलिस“ जान हथेली पर रखकर आपके लिए यह युद्ध लड़ रहा है उन योद्धाओं का सम्मान कीजिए ,उनका ख़याल रखिए ।अगर आप लापरवाही नहीं करेंगे तो आपके साथ साथ डॉक्टर , पुलिस और बाक़ी हेल्थकेयर पर्सनल पर आपका बहुत बड़ा उपकार होगा । हम उन शहीदों को शत् शत् नमन करते हैं जिन्होंने इस कोरोना युद्ध में अपनी जान की बाज़ी लगा दी ।आज इस लेख के माध्यम से आप सभी से विनम्र अनुरोध है कि आप अनुशासन में रहीए और स्वस्थ और सुरक्षित रहीए। आप अपना ख़याल रखिए और साथ में उन सभी का भी ख्याल रखिए जो इस युद्ध के हीरो है। आप “घर पर रहे ,सुरक्षित रहें “ और याद रखिएगा 2020 यह साल सिर्फ़ जीने का साल है ।

डॉ. मंजू राठी
M B B S. M D
LL B. LL M


