लोकतंत्र में जनता का योगदान अभी अधूरा है।
आज चुनाव संपन्न हो गए। हमारा मत मतपेटियों में बंद हो गया ।प्रत्याशियों का भविष्य इन पेटियों में कैद हो चुका है। पिछले कई महीनों से ,कई दिनों से अनेक प्रत्याशियों ने अपनी ताकत झोंक दी अपने इस कैंपेन में । सभी ने अपना सर्वोच्च दिया ।जनता ने भी उनका भरपूर साथ दिया। सब ने अपने अपने पसंदीदा प्रत्याशियों का समर्थन किया ,किसी ने खुलकर साथ दिया ,तो किसी ने बिना सामने आए । उम्मीद है कि हर एक ने अपने मताधिकार का प्रयोग जरूर किया होगा। लोकतंत्र के इस महायज्ञ में वोट रुपी आहुति सभी ने अर्पित की होगी।
अब इंतजार है तो रिजल्ट का। अब जनता को फर्क नहीं पड़ता कोई भी प्रत्याशी जीते या किसी की भी सरकार बने। जनता तो बस इतना चाहती है कि यह कार्यकाल पूरा होने से पहले जनता से किए हुए वादे वह प्रत्याशी और सरकार दोनों ही पूरे करें ।जनता तो बस अपना विकास चाहती है। अपनी जिंदगी खुशहाल चाहती है। अब जनता को किसी पार्टी से कोई मतलब नहीं। वह खुमारी अब उतर चुकी है ।अब जो भी प्रत्याशी जीतेगा जनता उसको सहर्ष स्वीकार करेगी और जो प्रत्याशी हार गए हैं ,जनता उनका भी सम्मान करेगी। क्योंकि चुनाव में हार जीत तो लगी रहती है ।कोई विरुद्ध खड़ा होता है तभी तो हार जीत होती है। एक हारेगा तभी दूसरा जीतेगा, यह सतत प्रक्रिया है। इसलिए अब हार जीत में जनता नहीं जाना चाहती और इस झमेले में पडना भी नहीं चाहती। क्योंकि अब जनता को जागरूक रहना है। उन्हें अपनी समस्याओं का निराकरण करने वाला नेता मिल चुका है ।
जनता को हर पल चौकन्ना रहना है। जनता को हर समय याद रखना है कि उस प्रत्याशी ने क्या वादे किए थे और कितने वादे पूरे किए हैं और वह प्रत्याशी उन वादों पर कितना खरा उतर रहा है ।जनता को हर वक्त जागरूक रहना है और मुफ्त की रेवड़ियों से परे होकर अपने रोजगार, अपनी सेहत ,अपने रहन-सहन में सुधार करने के लिए सरकार को जागरुक करते रहना है। चुनाव खत्म हो गए हैं तो सरकार को सोने नहीं देना है । ऐसा करना मतलब अपना स्वयं का नुकसान करना है। और कोई खुली आंखों से स्वयं का नुकसान कैसे कर सकता है? इसलिए लोकतंत्र में जनता का योगदान अभी भी अधूरा है जब तक आपके अपने सपने पूरे ना हो जाए।
जनता ,आप सरकार और प्रत्याशियों को जगाते रहिए ।
वरना पता चले 5 साल निकल चुके और फिर चुनाव के वक्त सरकार और प्रत्याशी मैदान में ताल ठोकने के लिए तैयार हो गए हैं ।और यह चुनावी चौसर फिर सज गई है और हम जनता फिर जोर-शोर से उनके साथ जुड़ गए हैं ,फिर इसी उम्मीद के साथ की जनता का भला होगा।
सभी प्रत्याशियों को अग्रिम शुभकामनाएं। आप सभी से विनम्र अपील है कि जो भी जनता का फैसला रहे उसका सम्मान करें और जनहित में कार्य करें ताकि आने वाले समय में जनता आपके उन कार्यों को याद रखें और आपको पुनः प्रत्याशी के रूप में देखने की इच्छा जाहिर करें ।
जागो ,जनता जागो ।
जनता ,अपना हक सभी को याद दिलाते रहो ,फिर चाहे वह सरकार हो या फिर आपका अपना प्रत्याशी या आपका अपना नेता ।
जागो ,जनता जागो ।
पुनः एक बार सभी प्रत्याशियों को बहुत-बहुत शुभकामनाएं।
धन्यवाद।
डॉ मंजू राठी
एमबीबीएस. एमडी।
एलएलबी एलएलएम
समाज सेविका ,ब्लॉगर, लेखिका।