चुनावी चौसर

चुनावी चौसर

जागो , जनता जागो !

चुनावी बिगुल बज चुका है ।चुनावी चौसर बिछ चुकी है ।गोटियाँ सज रही हैं ।कौन सी गोटी कहाँ फ़िट करनी इस पर गहन चर्चा हो रही है ।और मज़े की बात तो यह है जनता , आप जानते हैं जिसके लिए यह चर्चा हो रही है और जिसके लिए ये चौसर बिछ रही है उस जनता की फिक्र कोई कर भी रहा है ? उस जनता को कौन पूछ रहा है ?

इस बार जनता को गहन विचार करना है , जो कभी उस वार्ड में गए नहीं , वहाँ की हालत कभी देखी नहीं , जनता की समस्याएँ कभी सुनी नहीं , जनता क्या चाहती है , किसे चाहती है , इस पर कभी कोई विचार नहीं । गोटियाँ तो वहीं खेली जाएगी जो पार्टी ओैर उनके नेताओं से ताल्लुकात रखते हो , जिनकी जान पहचान हो, जिन्हें राजनीतिक करियर में क़दम रखना हो ।

आज कल राजनीति एक व्यावसाय हो गया है । जनता की परवाह कौन करे ? एक बार जीतकर आ गए तो पाँच साल तक कोई कुछ नहीं बोलेगा , कोई कुछ नहीं पूछेगा , कोई उस कुर्सी से डीगा भी नहीं सकेगा । यही सभी की सोच हो जाती है । जनता तो “भोली भाली “ है ना ! इसलिए इससे जनता को कोई फ़र्क नहीं पड़ता , कौन उनका नेता बनता है और कौन नहीं । इसे जनता को कोई सरोकार नहीं है ।

जनता , अब तो जाग जाओ ! जागो , जनता जागो !

चुनावी चौसर बिछ गई है । आपकोअपनी गोटियाँ चलानी है , वह भी जो आपको जीता सके , जो आपका काम आसान कर सके , जो आपका ख़याल रख सके , जो आपकी परवाह करता हो , जो आपके लिए वक़्त देता हो, जो आप की समस्याएँ समझता हो । ऐसी गोटीयाँ इस चौसर पर बिछानी है जिसे आप चाहते हैं , जिससे आपका भविष्य सुखद होता हो , जिसे आप मन से चुने , जिसे आप गर्व से चुने। जो आप में से एक हो , जो आपका अपना हो , जो आपके लिए काम करना चाहता हो। आप अपने आप पर इन गोटियों के रूप में कोई ऐसा नेता मत थोप लीजिए जो एक बार जीतने के बाद 5 साल आपको दर्शन भी न दे।

अब वक़्त आ गया है , जागो , जनता जागो !

अपना नेता ख़ुद चुनाो। अपने आस पास झांको और देखो कौन आपके लिए अच्छा है , भले ही उसका कोई राजनीतिक पार्टियों से संबंध ना हो पर उसमें जोश हो कुछ करने का , जज़्बा हो, जनता की सेवा करने का निस्वार्थ भाव हो , जनता के लिए प्रेम हो , ऐसे को हाथ पकड़कर सामने लाओ और इस चुनावी चौसर पर अपने वज़ीर के रूप में आगे बढ़ाओ। इस वज़ीर को ऐसा दौड़ाओ की जनता को “भोली भाली “ समझने वाले भी दांतों तले उंगलियां दबा ले! अभी भी वक़्त है | जब जागो तभी सवेरा ।

अभी नहीं तो कभी नहीं !

जागो ! जनता जागो !

डॉक्टर मंजू राठी

M B B S. M D

LL B . LL M

Leave a comment