कोरोना काल में अपने आप को कैसे बचाएँ।

कोरोना काल में अपने आप को कैसे बचाएँ।

जीवन अनमोल है उसे व्यर्थ न गँवाएँ।

जीवन जीने के कुछ मंत्र

अभी कोरोना काल चल रहा है ।लॉक डाउन से सभी लोग परेशान हो चुके हैं ।और लोगों का काम धंदा भी इसकी वजह से नहीं चल रहा है ।लोगों में आमदनी को लेकर काफ़ी परेशानियां है। कई लोगों को घर चलाना मुश्किल हो रहा है । तो कई लोग घर में रह कर परेशान हो चुके हैं। बुजुर्ग बाहर नहीं निकल रहे हैं। ऐसे में स्वाभाविक है की कई लोग अपना मानसिक संतुलन खो रहे हैं। कई लोग डिप्रेशन में जा रहे हैं ।कई लोग सामाजिक दूरी रहने की वजह से अपने आपको इस नए माहौल में एडजस्ट नहीं कर पा रहे हैं ।इसलिए, उनका मानसिक तनाव कैसे दूर हो और तंदुरुस्त कैसे रहें ।अपनी जीवनशैली को कैसे बदलें ? जीवन कैसे जैसे जिये और ख़ुश कैसे रहें ?तंदुरुस्त कैसे रहें ? इसके लिए कुछ इम्पोर्टेंट बातें मैं आपको आज बताने जा रही हूँ ।

मनुष्य जीवन सिर्फ़ एक बार ही मिलता है ऐसा सभी कहते हैं ।मनुष्य जन्म तो बार बार लेता है पर मनुष्य योनी में सिर्फ़ एक बार ही आता है ऐसा अपने शास्त्रों में लिखा है। अगर ये जीवन सिर्फ़ एक बार ही है तो क्यों उसे कोरोना की भेंट चढ़ाएँ । क्यों न उसे बड़े ठाठ से ,शान से ,इज़्ज़त से , अपनी मर्ज़ी से और अपनी अच्छी सेहत के साथ जिया जाएँ।

अगर मनुष्य स्वस्थ और तंदुरुस्त रहेगा तो उसका यह जीवन सफल और सुंदर होगा । हर एक मनुष्य को ऐसा लगता है कि वह हमेशा सुखी रहे , तन, मन और धन से । अगर वह सुखी रहेगा तो उसका मन आनंदित रहेगा और मन ख़ुश रहेगा तो वह हमेशा स्वयं को ऊर्जावान पाएगा ।और जब वह स्वयं ऊर्जावान. स्फूर्तिवान रहेगा तो उसकी काम करने की क्षमता बढ़ेगी और अगर ऐसा होता है तो उसे ज़िंदगी में कभी कोई कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसका सार यही है कि मनुष्य को हमेशा स्वस्थ और आनंदित रहना चाहिए ।कहते हैं ना , “ सेहत ही सबसे बड़ी संपत्ति है “ ।सच है ,शत प्रतिशत सच है ।और इसी सेहत का राज मैं आपको बताऊँगी। आज हम समझेंगे कुछ नुश्कें अपनी सेहत तंदुरुस्त रखने के । हर मनुष्य के पास दिन के २४ घंटे होते हैं ।उसमें से कुछ वक़्त वह अपने आप के लिए निकालें ।वह थोड़ा सा वक़्त जो अपने आप के लिए निकालता है वही उसकी सेहत का राज है ।उस कुछ वक़्त में वह जो भी करें , अपनी सेहत के लिए करें यानी वे कुछ पल उसकी सेहत के लिए एक उच्च कोटि की दवाई है। तो आइए , जानते हैं उन कुछ पलों में हमें क्या करना है जो हमें सेहतमंद , ऊर्जावान और स्फूर्तिवान रखें और कोरोना से बचाएं।

१.सुबह उठते ही दो ग्लास गुनगुना पानी पियें। नींबू -पानी या नींबू -पानी और शायद भी ले सकते हो।

२.सुबह उठते ही एक घंटा अपने फ़ोन या मोबाइल से दूर रहें ।इससे आप अपने आपको वक़्त दे पाएंगे । आपका वक़्त बरबाद नहीं होगा और आप अपनी सेहत के लिए कुछ पल निकाल पाएंगे।

३.40 मिनट की कसरत करनी है चाहे तो आप टहल सकते हैं ,जॉगिंग कर सकते हैं ,तेज दौड़ सकते हो ,साइकिल चला सकते हो , एरोबिक्स या डान्स भी कर सकते हो ।सुबह की ताज़ा हवा में कुछ मिनट की कसरत करना आपके दिल और दिमाग़ के लिए अच्छा हेल्थ टॉनिक है ।सुबह की हवा में प्रदूषण रहित ऑक्सीजन होती है , वह आपके दिल और दिमाग़ के लिए काफ़ी फ़ायदेमंद होती है ।और कोरोना काल में तो वो और भी फ़ायदेमंद है।आप योग भी कर सकते हैं ।अलग अलग तरह के आसन और प्राणायाम भी आपके लिए वही काम करेंगे जो कसरत करेगी।

अब हम जानेंगे 10 ऐसी बातें जो हमारी सेहत के लिए फ़ायदेमंद है।

“जीवनशैली में बदलाव “ यह सबसे बड़ा मूल मंत्र है परंतु अपनी जीवनशैली में बहुत बड़े बदलाव करने की बजाए अगर हम छोटे छोटे बदलाव करेंगे तो वे हम आसानी से अपना पाएंगे और हमें यह भी नहीं लगेगा कि हम अपनी जीवनशैली पूरी तरह से बदल रहे हैं ।हमें यह मंत्र बोझ नहीं लगेगा ।इन छोटे छोटे बदलाव से भी आप अपने आप को स्वस्थ और तंदुरुस्त रख सकते हैं और आपकी दिनचर्या पर भी इसका कोई विपरीत परिणाम नहीं होगा।

“10 मूल मंत्र”

1. अपने आप को ख़ुश रखें।

हमेशा ये कोशिश कीजिए कि आप स्वयं को हमेशा ख़ुश रखें ।तनाव से दूर रहें ।अपने आस पास ऐसा वातावरण तैयार कीजिए जिससे आप ख़ुश रह सकें ।तनावग्रस्त ज़िंदगी आपके लिए अच्छी नहीं हैं ।आप अपना वक़्त अपने प्रिय लोगों के साथ ,अपने दोस्तों के साथ या आपको ख़ुशी मिलती है वहाँ कुछ वक़्त बिताइए ।ऐसे दोस्तों से दूरी बनाएं जो आपको दारू पिलाते हो या स्मोकिंग के लिए उकसाते हो या फिर ज़्यादा खाना खाने के लिए मजबूर करते हो ।ऐसे लोगों से बचिए जो आपकी सेहत का ख्याल नहीं रखते हो ।ऐसे लोगों से दोस्ती बढ़ायें जो आपकी सेहत का ख्याल रखते हो ,आपके साथ कसरत करते हो , व्यसनों से कोसों दूर रहते हो ।अपनी संगत बदलिए शायद आपकी सेहत सुधर जाएं। कहते हैं ना , “ बुरी संगत का असर बुरा होता है “ ।बिलकुल सच है ,बुरी संगत से दूर रखिए और अच्छे दोस्त बनाइए ।ख़ूब ख़ुश रहीये और स्वस्थ रहीये।

2. अपना रोल मॉडल चुनिये।

हर इंसान का कोई न कोई रोल मॉडल होता है ।अक्सर हम उसके जैसा बनना चाहते हैं । कोई बात नहीं , अगर उसमें और आप में कोई मेल न हो ।पर अगर आप उसके जैसा बनने की कोशिश करेंगे तो भी आप अपने आपको फ़िट और तंदुरुस्त रख पाएंगे ।आपका रोल मॉडल हमेशा आपमें

पॉज़िटिव सोच एवं एनर्जी पैदा करेगा ।अपने रोल मॉडल की जैसे बनने की कोशिश करने में आप अपने आपको फ़िट और तंदुरुस्त रख सकते हैं ।

हमारा रोल मॉडल ऐसा होना चाहिए जो हमें स्फूर्ति दें। अपने आपको फ़िट रखने के लिए प्रेरित करें ,तंदुरुस्त रहने के लिए प्रोत्साहित करें । रोल मॉडल वो कोई भी इंसान हो सकता है जो हमें बुरे विचारों से दूर रखें और अच्छे विचारों का मन में संचार करें ।कभी कभी अपने रोल मॉडल में भी कुछ एेब हो सकते हैं ,आप उनसे बचने की कोशिश कीजिए ना कि उन्हें अपनाने में अपनी शान समझिए।

3. आपको खाना कंट्रोल में खाना चाहिए

ज़्यादा खाना सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है । उतना ही खाना चाहिए जितनी हमें भूख हो ।जो हमें ज़बरदस्ती ज़्यादा खिलाने के लिए मजबूर करते हो उन्हें साफ़ मना कर दें ,या फिर उनसे दूरी बनाए रखें ।जिन्हें आपकी सेहत का ख्याल नहीं ,ऐसे दोस्तों से दूर रहे ।खाने में हमेशा हेल्दी फ़ूड का इस्तेमाल करें ।वज़न बढ़ाने वाली चीज़ें ,जंक फुड़ ,कोल्ड्रिंक से दूरी रखें ।अपने किचन में ऐसी चीज़ें भरपूर मात्रा में रखें जिनमें कैलरी कम हो ।खाने का और अपने मूड का सीधा कनेक्शन है ।अगर हम बोर हो रहे हो या फिर हमारा मूड ख़राब है ,तो अक्सर हमारी खाने की इच्छा होती है और उस वक़्त भूख न होने पर भी हम कुछ न कुछ खाते रहते हैं और हमारा वज़न बढ़ता जाता है ।ऐसे में हमें हमारे फ्रिज में ऐसी चीज़ें हों जिनमें कम कैलरी हो ,यानी फ्रूट्स ,वेजिटेबल और बिना शक्कर के फ्लेवर्ड ड्रिंक्स इत्यादि। कम कैलरी बिस्किट्स ,चने ,रोस्टेड चीज़ें नियमित मात्रा में लें सकते हैं।

4. अपनी जीवनशैली में बदलाव करें।

ज़रूरी नहीं कि हेल्दी रहने के लिए ऐसे बदलाव करें जिन्हें करने में आपको काफ़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ता हो। ऐसे बदलाव आप या तो बिलकुल नहीं कर पाते या फिर कठिनाईयों की वजह से उन्हें छोड़ देते हैं । ऐसे संपूर्ण बदलाव की आपको ज़रूरत नहीं है । वज़न कम करने के लिए और हेल्दी रहने के लिए कुछ छोटे छोटे बदलाव ही काफ़ी फ़ायदा पहुँचा सकते हैं । जैसे की ,

1. खाने से पहले 1 गिलास पानी पीएँ ।

2. पानी की मात्रा 3 -4 लीटर तक बढ़ा दें ।

3. सुबह सिर्फ़ 15 मिनट जल्दी उठें।

4. अपना कसरत का वक़्त या घूमने का वक़्त 10 मिनट और बढ़ा दें ।

5. खाने में मीठा या जंक फ़ूड कम कर दे ।

6. हरी सब्ज़ियां या सलाद की मात्रा थोड़ी सी बढ़ा दें ।

7. काम करते वक़्त थोड़ा सा ब्रेक लें और टहले ।

8. कुछ कुछ हाथ पाँव की कसरत करें ,उन्हें हिलाते रहे ।

9. एक जगह पर ज़्यादा देर तक बैठे ना रहे ।

10. बीच बीच में पानी पीते रहें।

5. अपने आपको हमेशा ख़ुशनुमा माहौल में रखने की कोशिश करें।

अपने आस पास का वातावरण इस तरह बनाएँ कि आप अपने आपको आनंदित रख सके ।आप अपने आप को ख़ुशनुमा अपने परिवार के साथ ,अपने दोस्त के साथ ,अपने बिज़नेस पार्टनर के साथ ,अपने ऑनलाइन दोस्त के साथ , अपने वर्क प्लेस के दोस्त के साथ वक़्त गुज़ार कर रख सकते हैं।आप अपने आप को हमेशा ऐसे लोगों के साथ रखें जो आपका टेंशन कम करें ,आपको ख़ूब हँसाएँ,ना कि आपका टेंशन बढ़ाएं।जो ऐसा करते हैं उनसे दूर रहना ही फ़ायदेमंद होता है। अपने ऐसे चार पाँच दोस्त बनाएँ जिनके साथ आप अपनी हेल्थ प्रोब्लेम्स ,घरेलू प्रॉब्लम्स ,पर्सनल प्रॉब्लम्स साझा कर सके ।जो आपकी बात अपने तक ही सीमित रखें और आपको मेंटल सपोर्ट करे ,ना कि आपका मज़ाक बनाएँ ।जो दोस्त मज़ाक बनाते हैं उनसे जल्द ही दूरी बनाना ठीक होता है। ऐसे दोस्त बनाएँ जो आपको आपकी हेल्थ के प्रति हमेशा सजग रहने के लिए प्रेरित करते रहें ।आप अगर अपनी हेल्थ पर ध्यान देना शुरू करते हैं और आप स्वस्थ रहने में क़ामयाब हो जाए तो वे आपको प्रोत्साहित करे, ताकि आपका उत्साह दोगुना बढ़ जाए ।ऐसे में आपको भी अपनी ख़ुशी उनके साथ सेलिब्रेट करनी चाहिए ताकि आपकी ख़ुशी और बढ़ जाए ।यही तो एक चक्र होता है जो अगर सतत चलता रहे तो आप कभी डिप्रेशन के शिकार नहीं होंगे।

6. अपने आपको माफ़ करना सीखें।

कभी कभी आपछुट्टियां मनाने चले जाते हैं ,या अपनी रोज़मर्रा की दिनचर्या से छुट्टी ले लेते हैं ।जैसे कसरत करना छोड़ देते हैं ,घूमना छोड़ देते हैं ,कभी ज़्यादा खा लेते हैं ,कभी ज़्यादा पी लेते हैं या फिर मिठाई ,आइसक्रीम ख़ूब खा लेते हैं ,तो अपने आप को दोष न दें ।उस पल को भी इंजॉय करें ज़िंदगी अपने रोज़मर्रा के रुटीन से हटकर जीना भी अपने आप में एक ख़ूबसूरत एहसास होता है ।छुट्टी वाले दिन देर तक सोना है ,आलस भरे अंदाज़ में, कुछ वर्कआउट न करना ।कोई बात नहीं ! उन पलों को भी जीना सीखो ।अपने आप में जीना सीखो ।ज़रूरी नहीं की मशीन लाइफ ही जियें ।इससे भी अलग हटकर एक ज़िंदगी है उसे भी जीना चाहिए।उसका भी एहसास करे ।आज आप रुटीन से हटकर कुछ कर रहे हैं तो अपने आप को गुनेहगार ना बनाएँ ।हमेशा पॉज़िटिव सोच रखें ।”आज आपने ज़िंदगी जी है और कल से आप ज़िंदगी के लिए जियेंगें “ ये सोच रखें और अपने रोज़मर्रा के रुटीन मे जैसे ही आए ,अपना वक़्त अपनी हेल्थ के लिए दे ।क्या हुआ आज हमने कुछ हटकर किया तो ?पर यह ज़्यादा दिनों तक ना रहे और जैसे ही छुट्टियाँ भी तो जाएं अपने आप पर फिर अपना ध्यान केंद्रित करें ताकि आप स्वस्थ रह सके ।आलस न करें ।जो वक़्त आप आलस्य में बिता चुके ,अब दुगुने उत्साह से अपने फ़िटनेस में लग जाए ।यही है ज़िंदगी !

7. भूखा ना रहे ।

आपको अपने खाने के समय का ध्यान रखना चाहिए । आपको ज़्यादा वक़्त तक भूखा नहीं रहना चाहिए।अगर आप ज़्यादा देर तक भूखा रहेंगे तो जब भी आप खाना खाने बैठेंगे तो यह स्वाभाविक है कि ज़्यादा खाना खाएँगे, यानी ओवरइटिंग हो जाएगी और आपका वज़न बढेगा। ऐसे में इसे रोकने के लिए आपको संतुलित आहार वक़्त वक़्त पे लेना चाहिए ।जब भी आपको भूख लगे ,थोड़ी मात्रा में खाते रहना चाहिए ताकि आपकी एक साथ खाने की तमन्ना कम हो जाएं और ज़्यादा खाने से भी बचा जा सके ।हफ़्ते में एक बार पार्टी कीजिए पर खाना संतुलित हो ।किसी पार्टी में जाने से पहले कुछ खा लें ताकि आपका पेट भरा होने से पार्टी में आप कम खाएंगे और अपना वज़न और हेल्थ अच्छी रख पाएंगे ।अगर आप भूखे रहेंगे तो खाने में ज़्यादा आएगा जो कि आपके शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

8. हमेशा ध्यान रहे -बदलाव वक़्त माँगता है।

अगर आप अपने शरीर में बदलाव की आशा करते हैं तो हमेशा ध्यान में रहे की बदलाव वक़्त माँगता है ।बदलाव आने में वक़्त लगता है ।ऐसा नहीं कि आज हमने अपनी लाइफ़ स्टाइल बदली और कल ही बदलाव आ जाएगा । यह चुटकियों का खेल नहीं है।बदलाव के लिए वक़्त ज़रूरी होता है ।आपको अपनी लाइफ़स्टाइल में बदलाव निरंतर करते रहना चाहिए ताकि भविष्य में इसका असर देख सकें ।कोई आदमी स्वस्थ है ,पतला है ,तंदुरुस्त है तो उसे देखकर दुखी न हो पर अपनी मेहनत जारी रखे, आपको रिज़ल्ट ज़रूर मिलेगा।बदलाव लाने का वक़्त हर इंसान के लिए भले ही अलग अलग होता हो पर अगर आप मेहनत करेंगे तो उसका असर आपके शरीर पर ज़रूर दिखेगा ।इसी लिए आपको वक़्त रहते संभालना भी चाहिए और वक़्त देकर बदलाव आने का इंतज़ार करना चाहिए ।ऐसा नहीं हो, कुछ बदलाव न देखकर आप मायूस हो जाएँ और अपनी मेहनत करना छोड़ दें ।नहीं! ऐसा बिलकुल नहीं करना है ।”सब्र का फल हमेशा मीठा होता है !” वक़्त दीजिए और फिर देखिए अपने आप में बदलाव। शत प्रतिशत गारंटी है उस बदलाव को देख कर आपकी मुस्कुराहट ज़रूर बढ़ेगी।

9. हमेशा कुछ न कुछ करते रहिए- कुछ एक्टिविटी करते रहे।

काम की वजह से या किसी और चीज़ के लिए लंबे अरसे तक बैठे रहना ,आपकी सेहत के लिए अच्छा नहीं है। हमेशा कुछ न कुछ एक्टिविटी करते रहना चाहिए। वर्क प्लेस पर आप काफ़ी देर तक बैठे रहते हो तो ऐसे में आपको बीच बीच में उठकर कुछ क़दम चलना चाहिए । लंबे वक़्त तक TV देखना अच्छा नहीं होता है ,ऐसे में रिमोट से चैनल बदलने की बजाय उठकर TV के पास जाकर चैनल बदलें ताकि कुछ क़दम ताल हो जाए ।अगर लिफ़्ट है तो उससे जाने की बजाय एकाद फ़्लोर सीढ़ियां चढ़कर जाए ताकि आप कुछ हिल डुल सके ।अगर कुछ ख़रीदारी करने जा रहे है तो गाड़ी थोड़ी दूर पार्क करें और कुछ क़दम पैदल चले।

कुर्सी पर बैठे बैठे अपने पाँव हिलाते रहिए ,या हाथ हिलाते रहिए ,कुछ पल के लिए अपने हाथों की और गर्दन की कसरत करनी चाहिए। घर पे हो तो बच्चों के साथ मस्ती कर लीजिए ।इन सभी चीज़ों में आपकी कैलरी बर्न होगी और आप की मांसपेशियों में जकड़न पैदा नहीं होगी और सबसे ज़रूरी बात आप मोटापे से बच पाएंगे।

यह ध्यान रहे कि ,सतत चलने वाला इंसान बैठे रहने वालों की तुलना में कम मोटा होता है और तंदुरुस्त भी रहता है ।इसलिए कम बैठो और कोशिश करे कि अपने आपको सतत एक्टिव रखें।

10. रोज़मर्रा की ज़िंदगी को हमेशा एक त्योहार की तरह मनाओ।

रोज़मर्रा की ज़िंदगी में रोज़ का वर्कआउट , कसरत और तंदुरुस्त होने की चाहत और वज़न कम करने के चक्कर में कहीं आप अपनी ज़िंदगी को नज़रअंदाज़ तो नहीं कर रहे हैं? हर पल महत्वपूर्ण है । आपको चाहिए उसे व्यर्थ न जाने दें । ऐसा नहीं हो की फ़िटनेस मंत्र के चक्कर में अपने आप को भूल जाए ।हर वो पल क़ीमती है जिसे आपको जीना है ।ज़िंदगी की छोटी छोटी खुशियों को नज़र नज़रअंदाज़ न करें। खुशियां आएंगी और आप उन्हें मनाएंगे इस सोच को त्यागना हैं और हर एक पल में खुशियाँ ढूंढें और उसे एक त्योहार की जैसे मनाएँ। ख़ुशी के मायने हर आदमी के लिए अलग अलग होते है। आपको उसी ख़ुशी के साथ जीना है , उसी ख़ुशी को आगे बढ़ाना है । आप इसी सोच के साथ जीएंगे और हर एक नया दिन खुशियों से भरपूर हो ऐसा करने की सोचेंगे।

ज़िंदगी का सफ़र तय करने का सोचने से पहले हर दिन का सफ़र तय करना है ।वह भी ख़ुशी और उल्लास के साथ ।जिए तो क्या जिए ,अगर ज़िंदगी में कोई परेशानी न हो।आज कोरोना बहुत बड़ी परेशानी है ।पर इस कोरोना महामारी वाली परेशानी पर आप सभी को विजय हासिल करनी है और हमेंशा मुस्कुराते रहना है। इस कोरोना काल मैं आप सभी को स्वस्थ और सुरक्षित रहना है और डिप्रेशन से कोसों दूर रहना है और इन सभी को हासिल करने के लिए आपको ऊपर दिये हुए ये 10 सूत्री मंत्र को अपनाना है।

स्वस्थ रहें ,सुरक्षित रहे।

डॉक्टर मंजु राठी

एम बी बी एस./एम.डी

एल एल बी / एल एल एम

Leave a comment